Breaking News

रात में पहले पत्नी और 2 मासूम बेटों को उतारा मौत के घाट... फिर जिस घर पहुंचा, वहां मच गया खौफनाक कत्लेआम

 


तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 35 वर्षीय व्यक्ति पर आरोप है कि उसने पहले अपने ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी और इसके बाद उस किशोरी तथा उसके परिवार को निशाना बनाया, जिसने कुछ महीने पहले उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न और पीछा करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना में कुल छह लोगों की मौत हो गई, जबकि आरोपी घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है।

पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित की हैं और विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

शुक्रवार रात शुरू हुआ खौफनाक घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार आरोपी राजकुमार ने शुक्रवार रात सबसे पहले शबाद स्थित अपने घर में कथित तौर पर अपनी पत्नी पार्वती सरिता (30) और अपने दो छोटे बेटों पर हमला किया। दोनों बच्चों की उम्र क्रमशः चार वर्ष और एक वर्ष बताई गई है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक साक्ष्यों से प्रतीत होता है कि बच्चों पर उस समय हमला किया गया जब वे सो रहे थे। वहीं पत्नी के कमरे से संघर्ष के निशान मिलने की बात सामने आई है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने हमले का विरोध करने की कोशिश की होगी।

घटना के समय घर के दरवाजे अंदर से बंद थे। रिश्तेदारों के अनुसार कमरे में पंखा, एयर कंडीशनर और कूलर चल रहे थे। इस कारण काफी देर तक किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।

इसके बाद किशोरी के घर पहुंचा आरोपी

परिवार की हत्या के बाद आरोपी कथित तौर पर उस 17 वर्षीय किशोरी के घर पहुंचा जिसने इसी वर्ष मई महीने में उसके खिलाफ 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (POCSO) के तहत मामला दर्ज कराया था।

पुलिस के अनुसार आरोपी किशोरी को जबरन अपनी कार में बैठाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की जांच अभी जारी है और पुलिस फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर घटनाओं के क्रम की पुष्टि कर रही है।

मां और नानी की भी हत्या का आरोप

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने किशोरी की 45 वर्षीय मां और 65 वर्षीय नानी की भी उनके घर में हत्या कर दी।

घटना के समय किशोरी की 20 वर्षीय दिव्यांग बहन भी घर में मौजूद थी, लेकिन उसे किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं पहुंचाई गई। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने उसे नुकसान क्यों नहीं पहुंचाया।

इन तीन हत्याओं के बाद मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पिता को फोन कर हत्या की बात कबूल करने का दावा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने पिता को फोन किया और हत्याओं की जानकारी दी।

बताया जा रहा है कि उसने फोन पर आत्महत्या करने की भी बात कही थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस दावे की कोई पुष्टि नहीं हुई है और आरोपी अब भी फरार है।

फोन कॉल के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया।

POCSO केस के बाद बदली थी परिस्थितियां

जांचकर्ताओं के अनुसार मई महीने में किशोरी ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह उसका पीछा करता था और बार-बार शादी या प्रेम प्रस्ताव स्वीकार करने का दबाव बना रहा था।

शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ POCSO सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था और उसे गिरफ्तार भी किया गया था।

बाद में अदालत से उसे अग्रिम जमानत मिल गई क्योंकि जिन धाराओं में मामला दर्ज था, उनमें अधिकतम सजा सात वर्ष से कम थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी मामले के चलते आरोपी ने बदले की भावना से यह वारदात की।

प्रेम विवाह के बाद बसाया था परिवार

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राजकुमार और पार्वती सरिता ने वर्ष 2018 में प्रेम विवाह किया था।

दोनों बाद में शबाद और देवालागुडा क्षेत्र में रहने लगे। दंपति के तीन बच्चे थे, हालांकि उनकी सबसे बड़ी बेटी की बचपन में ही मृत्यु हो गई थी।

रिश्तेदारों के अनुसार शुरुआती वर्षों में परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन पिछले कुछ समय से आरोपी का व्यवहार लगातार बदल रहा था।

मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक परेशानियों की भी जांच

पुलिस ने बताया कि आरोपी के परिजनों ने पूछताछ में बताया है कि वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। इसके अलावा उसे जुए की लत लग गई थी और उस पर आर्थिक कर्ज भी बढ़ता जा रहा था।

हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दावों की स्वतंत्र जांच की जाएगी और केवल पारिवारिक बयानों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा।

जांच अधिकारी आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रहे हैं ताकि घटना के पीछे वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

फोरेंसिक टीम जुटी सबूत इकट्ठा करने में

घटना के बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सभी अपराध स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया।

वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थलों से नमूने एकत्र किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या किस हथियार से की गई और घटनाओं का सही क्रम क्या था।

सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की भी जांच की जा रही है।

कई टीमें कर रहीं आरोपी की तलाश

रंगा रेड्डी पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमें गठित की हैं।

राज्य के विभिन्न जिलों में उसकी संभावित लोकेशन के आधार पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी उपलब्ध तकनीकी और मानव संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि आरोपी के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें और स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें।

समाज के लिए गंभीर चेतावनी

यह घटना कई गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, पीछा करना (स्टॉकिंग), यौन उत्पीड़न के आरोप, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां और घरेलू हिंसा जैसे विषय समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसी व्यवस्थाएं मजबूत होना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

जांच अभी जारी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के अधीन है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस बहुचर्चित हत्याकांड के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं